मोबाइल रिपेयरिंग बिज़नेस कैसे शुरू करें | How to start Mobile repairing Business

मोबाइल रिपेयरिंग बिज़नेस कैसे शुरू करें? (How to start Mobile repairing Business) मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स कैसे करे। लाइसेंस एवं पंजीकरण, लोकेशन का चुनाव कैसे करे।

हेलो दोस्तों आज हम बात करें मोबाइल रिपेयरिंग बिजनेस के बारे में। मोबाइल रिपेयरिंग एक ऐसा बिजनेस है जिसकी जरूरत हर जगह होती है चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्रों को मोबाइल रिपेयर का बिजनेस चलता ही जाता है तो आज हम इस पोस्ट में बात करेंगे कि मोबाइल रिपेयरिंग का बिजनेस को कैसे स्टार्ट करें कौन कौन से स्टेप्स हमें लेने चाहिए।

अगर आप भी कोई ऐसा बिजनेस करना चाहता है जो काफी Low Investment में हो तो आप Mobile Repairing Business शुरू कर सकते हैं। इसमें ज्यादा लागत की जरूरत भी नहीं है। आप कम investment के साथ भी यह बिजनेस कर सकते हैं।

जैसा कि आप जानते हैं आजकल के टाइम में कोई भी ऐसा नहीं है जो स्मार्ट फोन यूज़ ना करता हो। इंडिया में खास तौर पर हर कोई मोबाइल यूज करता है चाहे वह सिंपल मोबाइल हो या फिर स्मार्टफोन। तरह-तरह के smartphone इंडिया में launch होते जा रहे हैं और यह लॉन्च होते रहेंगे।

कोई भी स्मार्ट फोन यूज़ करना बंद नहीं करेगा। स्मार्टफोन इतने महंगे होते हैं कि उन्हें बार-बार खरीदा नहीं जा सकता। अगर वह खराब होते है तो उनकी repairing कराई जाती है। इसलिए mobile repairing का बिजनेस आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। वह बिजनेस से जुड़ी सारी जानकारी के लिए आपको यह पोस्ट पूरी पढनी होगी।

मोबाइल रिपेयरिंग बिज़नस शुरू करने के लिए स्टेप्स

बिज़नेस को स्टार्ट करने से पहले कुछ स्टेप्स जान लेने जरुरी है। आइये इन स्टेप्स के बारे में जाने।

1. मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स करें?

मोबाइल रिपेयरिंग का बिजनेस अगर आपके पास अच्छा कौशल है तो आप इसे बहुत अच्छे से चला सकते हैं। इसका प्रशिक्षण या कोर्स आप वैसे तो कहीं से भी कर सकते हैं, (जहां किसी इंस्टिट्यूट पर इसका प्रशिक्षण दिया जाता हो) लेकिन अगर आप सर्टिफिकेट भी चाहते हैं तो भारत सरकार की सरकारी एजेंसी राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) संस्था मोबाइल रिपेयरिंग का कोर्स सिखाता है। इस कोर्स के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार से हैं-

  • शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास होनी चाहिए, यानिकी कम से कम दसवीं पास ही व्यक्ति यह कोर्स कर सकता है|
  • इस कोर्स की शुरुआत NSIC के टेक्निकल सेंटरों में हर महीने होती है|
  • इस Mobile Repairing Course की अवधि 80 घंटे निर्धारित की गई है|
  • इस कोर्स के लिए 7000 रूपये शुल्क निर्धारित किया गया है|

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2. प्रशिक्षण के बाद काम की प्रैक्टिस करें

आपका अगला कदम इस तरह के काम का अनुभव प्राप्त करने का होना चाहिए। प्रशिक्षण या कोर्स के तुरंत बाद आप बिजनेस स्टार्ट ना करें कुछ दिन तक अपने ही दोस्तों और आस पास के मोबाइल फोन जो खराब हुए हुए हैं, उनको रिपेयर करने की कोशिश करें और और अपने काम को निखारे।

जब कुछ दिन बाद आप अच्छी खासी प्रैक्टिस कर लेते हैं और आपको कॉन्फिडेंस हो जाएगा कि मैं अब अच्छे से मोबाइल रिपेयरिंग कर सकता हूं तब आप अपना सोप स्टार्ट कर सकते हैं।

3. Mobile Repairing Business के लिए सही जगह

अब आपका अगला कदम एक अच्छी सी लोकेशन चुनना होगा। किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए उसकी जगह का सही चुनाव काफी अहम होता है। मोबाइल रिपेयर के लिए सबसे अच्छी लोकेशन किसी मॉल के पास या किसी न्यू मोबाइल शॉप के पास रहेगी। आपके शहर में जहां कोई मॉल या इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट हो जहां पर न्यू मोबाइल मिलते हैं वहां पर अगर आप मोबाइल रिपेरिंग की सोप ओपन करते हैं तो वह सबसे ज्यादा फायदेमंद लोकेशन रहेगी।

ऐसी जगह बिज़नेस ओपन करने से लोगों के दिमाग में आप की लोकेशन याद रहेगी। और कस्टमर का ज्यादा अटेंशन भी जाएगा जो कस्टमर न्यू मोबाइल लेने के लिए आएगा उसको यह भी पता चलेगा कि यहां पर मोबाइल रिपेयरिंग भी होती है और वह फ्यूचर में आपसे सर्विस जरूर ले सकता है या किसी को भी recommand भी कर सकता है।

4. लाइसेंस एवं पंजीकरण (Licence and Registration)

आमतौर पर Mobile Repairing Business शुरू करने के लिए लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन अगर आप का टर्नओवर जीएसटी में छूट प्राप्त सीमा से ज्यादा होता है। उसके लिए जीएसटी का पंजीकरण कराना आवश्यक होता है। इसके अलावा शहर और राज्य के अलग-अलग नियम बने होते हैं। बिजनेस के लिए आप अपने शहर या राज्य के मोबाइल रिपेयरिंग बिजनेस के लिए जरूरी नियम देखकर अपने बिजनेस को कानूनी रूप देने के लिए लाइसेंस एवं परमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

5. Starting के लिए कुछ जरूरी सामान

आपका अगला कदम शुरुआत के लिए कुछ जरूरी सामान जुटाना होगा जिससे जिससे आप रिपेयरिंग करना स्टार्ट कर सकें। वैसे तो आपको इस स्टेज पर आकर सब कुछ मालूम हो चुका होगा की रिपेयरिंग करने के लिए कौन-कौन से टूल्स की जरूरत पड़ेगी। लेकिन फिर भी हम यहां कुछ टूल्स को बता रहे हैं जिनको आपको स्टार्टिंग से ही अपने बिजनेस में जरूरत पड़ेगी।

आपको काउंटर चेयर की आवश्यकता पड़ेगी, जो मोबाइल रिपेयरिंग करते समय इस्तेमाल होने वाला है। और s.m.d. सेमी और मैनुअल, वायर हैंडल फॉर एसएमड़ी, 25 वाट सोल्डरिंग आयरन, सोल्डरिंग स्टेशन, डिजिटल मल्टीमीटर, पीसीबी क्लीनर और होल्डर, जंपर वायर सेट, ब्लेड कटर सेट, स्क्रु ड्राइवर सेट, त्वीज़ेर और ब्रश, मल्टीमीटर, डीसी पावर सप्लाई, बैटरी बूस्टर, अल्ट्रासोनिक क्लीनर, बीजीए रेबल्लिंग टूल, मैग्नीफाइंग लेंस, टेप्स, एसएमडी मल्टीमीटर टेस्ट त्वीज़ेर, स्क्रीन सेपरातिंग मशीन।

6. Business प्रमोशन एवं मार्केटिंग

किसी दिन स्टार्टअप के लिए प्रमोशन एवं मार्केटिंग करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। लोगों तक अपनी बिजनेस और सर्विस को पहुंचाना किसी भी बिजनेस के लिए शुरुआत में बहुत ज्यादा जरूरी होता है। आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से मार्केटिंग कर सकते हैं।

ऑफलाइन मार्केटिंग करने के लिए आपको अपनी दुकान पर पोस्टर लगवा देना है और हो सके तो अपने मोबाइल रिपेयरिंग के लिए पंपलेट भी अपने आसपास के एरिया में बटवा सकते हैं। पोस्टर अपने आसपास के एरिया में भी लगवा सकते हैं।

अगर ऑनलाइन मार्केटिंग करनी है तो आप फेसबुक, इंस्टाग्राम के जरिए भी पेज बनाकर अपने मोबाइल रिपेरिंग बिजनेस की मार्केटिंग कर सकते हैं। यह भी आजकल के टाइम में डिजिटल ही काफी अच्छा तरीका है। आप अपनी सोप गूगल माय बिजनेस पर भी रजिस्टर कर सकते है और अपनी लोकेशन डालकर मोबाइल रिपेयरिंग का बिज़नेस आगे बढ़ा सकते हैं।

7. इन्वेस्टमेंट (Investment)

आपको Mobile Repairing Business में जगह से लेकर मोबाइल रिपेयरिंग के समान की जरूरत पड़ने वाली है। अगर बात की जाए इन्वेस्टमेंट की तो खाली मोबाइल रिपेयरिंग के सामान में लगभग आपका 20 से ₹25000 तक लग जाएगा।

और रही बाकी खर्चे की बात जैसे इलेक्ट्रिसिटी चार्जेस, रेंट, टेक्निशियंस, टूल्स और इक्विपमेंट रिपेयरिंग चार्जेस, और फर्नीचर इन सब को टोटल मिलाकर 25 से 30,000 इनका खर्चा आ जाएगा तो आप अंदाजा लगा सकते हैं। आपको कितने इन्वेस्टमेंट की जरूरत पड़ सकती है। और उसी हिसाब से आप अपना सेटअप कर सकते है।

8. प्रॉफिट – Profit

अगर बात की जाए Mobile Repairing Business में प्रॉफिट की तो मोबाइल रिपेयरिंग बिजनेस में काफी ज्यादा प्रॉफिट है। अगर मान लो आपके पास कोई मोबाइल रिपेयर होने के लिए आता है तो आपको उसमें आपके किए गए काम का काफी प्रॉफिट मिलता है। जैसे कि आप अगर मोबाइल ठीक करते हैं। उसमें छोटा सा फाल्ट है तो मोबाइल ठीक करने का सारा पैसा आपको ही मिलता है।

बिना इन्वेस्टमेंट के और आप मोबाइल में डालने वाली चीजो के पैसे पहले आप अपने कस्टमर से ले लेते हैं। सिर्फ आप को ठीक करने के पैसे मतलब 100% परसेंट प्रॉफिट आपका ही होता है। आप मोबाइल को ठीक करने के साथ-साथ वहां पर मोबाइल एक्सेसरीज भी रख सकते हैं। उन्हें भी बेच कर काफी प्रॉफिट कमा सकते हैं।

लोग मोबाइल रिपेयरिंग के लिए जब भी मोबाइल की रिपेयरिंग की शॉप पर आते हैं तो कुछ ना कुछ मोबाइल से जुड़ी उससे संबंधित अक्केसोरिएस भी खरीद लेते हैं। जैसे कि टैम्पर गिलास, मोबाइल कवर, या फिर एयर फोन यह सामान रखकर भी मोबाइल रिपेयरिंग के बिजनेस में काफी ज्यादा पैसा कमा सकते हैं। बस आपको अपनी प्रॉफिट में से रेंट और इलेक्ट्रिसिटी का खर्चा निकालना होता है। बाकी सारा प्रोफिट आपका ही होता है।

निष्कर्ष

Mobile Repairing Business Low Investment में काफी अच्छा बिजनेस है। आप चाहे तो यह शुरू कर सकते हैं। क्योंकि यह सदाबहार चलने वाला बिजनेस है। कभी भी इसकी कमी नहीं आने वाली है क्योंकि मोबाइल बनते जाएंगे और लोग लेते जाएंगे।

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